हत्या का मुकदमा लिखे जाने का पुलिस के पास कोई मजबूत साक्ष्य नहीं
एसके पटेल, हंडिया
प्रयागराज जनपद के हंडिया विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक हाकिम लाल बिंद के खिलाफ दो भाइयों के आत्महत्या के मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा तो लिख लिया, लेकिन उन्हें जेल भेजने का पुलिस के पास कोई भी पर्याप्त साक्ष्य नहीं है।
बताते चले कि बनपुरवां गांव में 11 जून को संतोष पुत्र स्वर्गीय इंद्रजीत गौतम की पेड़ पर फंदे से लटका शव मिला। इसके बाद 3 जुलाई को संतोष के भाई सुशील की लाश भूसे के घर में फंदे से लटकी पाई गई। इन दोनों भाइयों की मौत का ठीकरा हंडिया विधायक झिरिहिरी गांव निवासी हाकिम लाल बिंद पर मढ़ा गया।
जमीन विवाद में विधायक पर दोनों भाइयों की हत्या का आरोप लगता है। ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन के बाद विधायक समेत पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा पुलिस द्वारा दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस ने दबाव में आकर विधायक पर हत्या का मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन विधायक को जेल भेजने का पुलिस के पास कोई भी साक्ष्य पर्याप्त नहीं है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की माने तो दोनों भाइयों की मौत की वजह हैंगिंग आई है। दोनों भाई आत्महत्या क्यों किये? पीड़ित परिवार के पास आरोप के अलावा विधायक के खिलाफ इसका कोई मजबूत साक्ष्य नहीं है। वहीं, विधायक पर जमीन हड़पने का आरोप भी राजस्व टीम की जांच के आधार पर पुष्टि नहीं हो पायी है। अब तक विधायक के खिलाफ लिखे गए हत्या के मुकदमे में पुलिस के पास कोई भी ठोस आधार नहीं मिला है। हां इतना जरूर है कि दबाव में आकर पुलिस ने विधायक के खिलाफ हत्या का मुकदमा लिख लिया है।
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