पंचायत सहायकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
युवा तुर्क, बलिया
ग्राम पंचायतों में वर्षों से कार्यरत पंचायत सहायकों ने अब अपनी उपेक्षा के खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। मंगलवार को जनपद बलिया में पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के बैनर तले पंचायत सहायकों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। पंचायत सहायकों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में ग्राम सचिवालयों की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने आरोप लगाया कि ग्राम सचिवालयों के संचालन की पूरी जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें न तो स्थायी सेवा का दर्जा मिला है और न ही सम्मानजनक वेतन।
पंचायत सहायकों का कहना था कि ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन फीडिंग, प्रमाण पत्र, जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों सहित तमाम जिम्मेदारियां उन्हीं के कंधों पर हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें न्यूनतम सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के जिला अध्यक्ष चंदन गिरी ने कहा कि पंचायत सहायकों से लगातार विभिन्न विभागों के सर्वे कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे ग्राम सचिवालयों का मूल काम प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों को राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, निर्वाचन, फार्मर रजिस्ट्री एवं जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्यों में झोंक दिया जाता है, जबकि उनके पास पर्याप्त संसाधन तक उपलब्ध नहीं हैं। इससे आम जनता को भी सचिवालयों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जिला महामंत्री राजन साहू ने कहा कि डिजिटल इंडिया की बात तो की जा रही है, लेकिन पंचायत सहायकों को न स्मार्टफोन उपलब्ध कराया गया है और न ही इंटरनेट खर्च दिया जाता है।
अधिकांश कर्मचारी निजी संसाधनों से ऑनलाइन कार्य करने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से स्मार्टफोन, इंटरनेट रिचार्ज एवं अन्य डिजिटल संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने सेवा नियमावली बनाकर स्थायी नियुक्ति, नौकरी सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आयुष्मान कार्ड सुविधा एवं समय से मानदेय भुगतान की मांग प्रमुखता से उठाई। पंचायत सहायकों ने कहा कि बेहद कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है और कई कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
इस दौरान संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडेय, महिला प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष कंचन यादव, संगठन मंत्री अभिनय मिश्रा, रूपेश राजपूत, भारतेंदु निषाद, मजहर अली, बृजेश यादव, मनीष कुमार, रविशंकर, तनमन कुमार, विकास सिंह, सुशील कनौजिया, आशीष सिंह, गौतम वर्मा, अदिति राजेश्वरी पांडेय, प्रियांशी मौर्य, शिल्पी मिश्रा, विजय शंकर, अमित कुमार, पवन सिंह, अमृत ठाकुर, इम्तियाज अहमद, आशिक अली समेत बड़ी संख्या में पंचायत सहायक मौजूद रहे।
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