ताजा ख़बरें, Hindi News, delhi up news , Breaking Hindi News, Hindi Samachar, Latest Hindi News – yuvaaturk.com
Lead Storyउत्तर प्रदेशदिल्लीदेश

संकटमोचक: 4 हजार से अधिक लोगों की बची जान

यूपी पुलिस

मेटा अलर्ट से 8 से 10 मिनट में पहुंची पुलिस, बच गईं कई जिंदगियां

बलिराम सिंह, लखनऊ

लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में पत्नी और ससुराल पक्ष से विवाद के कारण मानसिक तनाव से जूझ रहे 26 वर्षीय डिलीवरी बॉय ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट किया। अलर्ट मिलने पर पुलिस मुख्यालय ने उसकी लोकेशन संबंधित पुलिस को उपलब्ध कराई। सआदतगंज थाने की टीम ने करीब 10 मिनट में युवक तक पहुंचकर उसे नदी में कूदने की आशंका के बीच सुरक्षित किया। बाद में पुलिस ने उसकी काउंसलिंग की और परिजनों को भी सहयोग के लिए साथ लिया।

इसी तरह, गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी से परेशान 24 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी संदेश पोस्ट किया। मेटा से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर स्थानीय पुलिस टीम महज आठ मिनट में उसके घर पहुंच गई। पुलिस ने कमरे में फंदा देखा और युवक को समय रहते सुरक्षित कर लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि घर का खर्च पूरा नहीं कर पाने के कारण वह मानसिक तनाव में था। पुलिस ने उसे समझाया और काउंसलिंग के माध्यम से भविष्य में ऐसा कदम न उठाने के लिए प्रेरित किया।

आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के सहयोग से यूपी पुलिस ने पिछले चार सालों में चार हजार से ज्यादा जिंदगियां बचाई है। पुलिस ने संकट में फंसे लोगों की जिंदगी बचाने और उन्हें भावनात्मक सहारा देने में भी संवेदनशीलता दिखायी है।

योगी सरकार में तकनीक और त्वरित पुलिस कार्रवाई के समन्वय से मानवीय पुलिसिंग की ऐसी मिसालें सामने आई हैं, जहां सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए आत्महत्या संबंधी संदेश को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने समय रहते लोगों तक पहुंचकर उनकी जान बचाई। एक जनवरी 2023 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस ने 4 हजार से अधिक लोगों की जान बचाई है।

यूपी सरकार

यूपी पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से चल रही व्यवस्था इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। इसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट सामने आने पर मेटा कंपनी पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल और फोन के माध्यम से अलर्ट भेजती है।

पुलिस मुख्यालय अलर्ट मिलते ही संबंधित व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाकर स्थानीय पुलिस को कार्रवाई के लिए सूचित करता है। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर संबंधित व्यक्ति को सुरक्षित करने और उसे मानसिक संबल देने का प्रयास करती है।

अलर्ट मिलते ही सक्रिय हुआ पुलिस तंत्र

इस व्यवस्था की उपयोगिता लखनऊ और गाजियाबाद में सामने आए दो हालिया मामलों से समझी जा सकती है। दोनों मामलों में युवकों ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट की थी। मेटा से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। स्थानीय पुलिस ने कुछ ही मिनटों में संबंधित युवकों तक पहुंचकर उन्हें आत्मघाती कदम उठाने से बचाया। इन घटनाओं में पुलिस की तत्परता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी दिखाई दी।

बेल्थरा रोड
मां मतुरानी देवी फॉर्मेसी कॉलेज, बेल्थरा रोड, बलिया

योगी सरकार में मिले दो अवॉर्ड्स:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीक आधारित पुलिसिंग और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया है। मेटा अलर्ट व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिली सूचना को जमीनी कार्रवाई में बदला जाता है।

Dr Anil Gangwar
डॉ अनिल गंगवार, गस्ट्रोलॉजिस्ट
हॉस्पिटल
DN Surya Hospitals , Belthra Road
रामरती अस्पताल
रामरती अस्पताल, बड़हलगंज,गोरखपुर

 

Related posts

अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएगा पीडीए- विजय श्रीवास्तव

Baliram Singh

बैज के साथ मिली जिम्मेदारी, अब स्कूल की कमान संभालेंगे विद्यार्थी

Baliram Singh

सहारनपुर: नागल में एक ही गैस एजेंसी पर 17 हजार उपभोक्ताओं का बोझ

Baliram Singh