चुनावी साल में सरकार का बड़ा फैसला
बलिराम सिंह, लखनऊ
चुनावी साल में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में निकाले गए बिजली विभाग के 25 हजार आउटसोर्स कर्मियों को नौकरी में वापस लेने का फैसला किया गया है। बिजली विभाग के नए एमडी रणवीर प्रसाद और बिजली विभाग के यूनियन पदाधिकारियों की बैठक के बाद उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बिजली कर्मियों की यह मांग स्वीकार कर ली है।
प्रदेश में अब आउटसोर्स कर्मचारी 60 साल की उम्र तक नौकरी कर सकेंगे। संविदा कर्मचारी संघ लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। इसके अलावा 55 वर्ष की उम्र में ही सेवा समाप्त करने के नियम का भी कर्मचारी विरोध कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन मुख्यालय में रविवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद की उपस्थिति में निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि हटाए गए संविदाकर्मी यदि स्वस्थ हैं तो उन्हें फिर से काम पर रखा जाएगा।
विभाग में लगभग 85 हजार आउटसोर्स कर्मी दो वर्ष पहले तक तैनात थे। लेकिन धीरे-धीरे इनमें से 25 हजार से अधिक कर्मियों को निकाल दिया गया।
बैठक में लिए गए निर्णय:
कर्मचारी 55 वर्ष की आयु पूरी करने पर पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर से फिटनेस प्रमाण पत्र लेकर आउटसोर्स एजेंसी को देंगे। उन्हें शपथ पत्र भी देना होगा कि वे काम करने के इच्छुक और सक्षम हैं। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के साथ होने वाले अनुबंधों में जरूरी संशोधन किया जाएगा।
दीपावली से पहले हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों की वापसी को लेकर लिये गए बड़े फैसले पर संविदा कर्मचारी संघ ने प्रसन्नता व्यक्त की है। पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी व्यक्त की।
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