बसपा सुप्रीमो मायावती की नाराजगी नहीं हुई दूर
ससुर ने सन्यास की घोषणा में कर दी देरी
युवा तुर्क, लखनऊ
बसपा सुप्रीमो मायावती Mayawati ने अपने भतीजे आकाश आनंद Akash Anand को एक बार फिर पार्टी BSP से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। हालांकि मायावती की शर्त को आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ Ashok Siddhartha ने स्वीकार करते हुए राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा कर दी थी, बावजूद इसके मायावती की नाराजगी कम नहीं हुई और उन्होंने आकाश आनंद को स्वतंत्र कर दिया। इसके पीछे की मुख्य वजह बताई जा रही है- आकाश आनंद का बसपा सुप्रीमो की पोस्ट को रीपोस्ट न करना और अशोक सिद्धार्थ द्वारा सन्यास की घोषणा 17 घंटे बाद करना।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-
“आकाश को अपने ससुर से ज्यादा लगाव था। अब वह डबल माइंड हो गए हैं। 3 सितंबर से उन्होंने मेरी पोस्ट को रिपोस्ट तक नहीं किया था। अगर वह पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं। इसलिए आज से उन्हें पार्टी से आजाद कर दिया गया है। उनके ससुर ने इस्तीफे में देरी कर दी।”

बसपा सुप्रीमो ने पिछले तीन साल में दूसरी बार आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती ने एक सप्ताह पहले आकाश आनंद को पार्टी के नंबर दो पद राष्ट्रीय संयोजक से हटाया था।
उस दौरान बसपा सुप्रीमो ने कहा था- आकाश को अभी राजनीतिक रूप से और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है।
पिछले दिनों आकाश आनंद ने एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी के कामकाज को लेकर आवाज उठाया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी में जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि हमारे कुछ पदाधिकारी पार्टी को फायदा पहुंचाने से ज्यादा नुकसान पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। हमारे कुछ पदाधिकारी हमें काम नहीं करने देते हैं। गलत लोग गलत जगह बैठे हैं। जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हो रहा है। इस संबोधन के बाद ही आकाश आनंद को साइड कर दिया गया और अब उन्हें पार्टी से ही आजाद कर दिया गया।

महज 24 घंटे में तीन बड़ी घटनाएं:
बसपा सुप्रीमो ने बुधवार को आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के सामने शर्त रखी कि यदि अशोक सिद्धार्थ सन्यास लेते हैं तो ऐसी स्थिति में आकाश आनंद का फ्री होकर पार्टी में काम करना संभव होगा और तभी फिर पार्टी उनको उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
बसपा सुप्रीमो की इस शर्त पर 17 घंटे तक विचार करने के बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा की।
उन्होंने मायावती को संबोधित सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- मेरे लिए आपका आदेश दुनिया की किसी भी चीज से बढ़कर है। आपके आदेश के आगे मेरे रिश्ते-नाते, परिवार सभी बेहद छोटे हैं।
लेकिन अशोक सिद्धार्थ की इस घोषणा के महज 3 घंटे बाद बसपा सुप्रीमो ने आकाश आनंद को पार्टी से निकाल दिया।
मायावती ने कहा –अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से सन्यास लेना ‘देर आए, दुरुस्त आए’ जैसा है। अगर उन्हें आकाश के भविष्य की चिंता होती तो वे कल ही सन्यास ले लेते। इससे आकाश का पार्टी और आंदोलन के लिए सक्रिय होकर काम करना तय हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इतना ही नहीं, बसपा सुप्रीमो ने आकाश आनंद को आड़े हाथों लेते हुए कहा- आकाश का भी अपने ससुर से लगाव कम नहीं हुआ है। उन्होंने मेरी एक्स पोस्ट तक रिपोस्ट नहीं की, जबकि पहले वह मेरी पोस्ट रिपोस्ट करके अपनी वफादारी दिखाते रहे हैं।
बहरहाल, बसपा सुप्रीमो के घर का यह विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आकाश आनंद की बजाय अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। अब देखना यह है कि आकाश आनंद फिर से बसपा सुप्रीमो से माफी मांगते हैं या फिर कोई दूसरी राह पकड़ते हैं!
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