कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
युवा तुर्क, चित्रकूट/लखनऊ
बुंदेलखंड के चित्रकूट जनपद में कृषि विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सौमित्र सिंह ने जिलाधिकारी पुलिकत गर्ग को ज्ञापन सौंपा है। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से सुनवाई नहीं हुई, तो वह 20 नवंबर 2026 से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू करेंगे।
सौमित्र सिंह की शिकायत ने विभागीय कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और किसानों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ज्ञापन में वित्तीय वर्ष 2025-26 की आत्मा योजना और त्वरित मक्का विकास योजना के भुगतान में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों और जिला प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन उनके अनुसार अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
तालाबों की खुदाई और भुगतान की जांच की मांग:
भूमि संरक्षण इकाई के अंतर्गत तालाबों की खुदाई, निर्माण की गुणवत्ता और भुगतान में कथित अनियमितताओं का मामला भी उठाया गया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूर्व में आठ तालाबों की जांच के बाद करीब 1.50 लाख रुपये की वसूली निर्धारित किए जाने की बात सामने आई थी।
अब मांग की गई है कि संबंधित अभिलेखों की दोबारा जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि निर्धारित वसूली वास्तव में हुई या नहीं।
खेत-तालाबों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने की मांग:
सौमित्र सिंह ने वर्ष 2016 से अब तक योजना के तहत खोदे गए खेत-तालाबों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। यदि जांच होती है, तो निर्माण की वास्तविक स्थिति, निर्धारित मानकों और सरकारी भुगतान के बीच अंतर का पता लगाया जा सकता है।

कर्मचारियों की तैनाती और वेतन भुगतान पर भी सवाल:
ज्ञापन में उप कृषि निदेशक कार्यालय में लंबे समय से एक ही पटल पर तैनात कर्मचारियों के स्थानांतरण, कर्वी बीज गोदाम प्रभारी की जिम्मेदारी में बदलाव तथा एक सरकारी चालक की उपस्थिति और वेतन भुगतान से जुड़े मामलों की जांच की मांग की गई है। चालक की सितंबर 2026 में हुई मृत्यु से संबंधित घटनाक्रम की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है।

शिकायतकर्ता ने सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच शुरू कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर जांच की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाते हुए 20 नवंबर से आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
पढ़ते रहिए युवा तुर्क: संकटमोचक- मेटा के सहयोग से यूपी पुलिस ने 4 हजार लोगों की बचाई जान

