बेल्थरा रोड के युवक ने UGC-NET में रचा इतिहास
युवा तुर्क, बलिया
संघर्ष अगर मजबूत इरादों से जुड़ जाए तो सफलता भी रास्ता खुद बना लेती है। बेल्थरा रोड के साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल कुमार गुप्ता ने इसे सच कर दिखाया है। उन्होंने UGC-NET दिसंबर 2025 परीक्षा में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) और असिस्टेंट प्रोफेसर दोनों के लिए क्वालीफाई कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राहुल ने राजनीति विज्ञान विषय से प्रतिभाग किया। कुल 300 में से 220 अंक हासिल कर उन्होंने 99.84 पर्सेंटाइल प्राप्त किया, जो उन्हें देश के चुनिंदा अभ्यर्थियों की सूची में शामिल करता है। परिणाम में उनका नाम “Qualified for JRF & Assistant Professor” श्रेणी में दर्ज हुआ है।

राहुल की सफलता का सबसे खास पहलू उनका संघर्षपूर्ण सफर है। उनके पिता छट्ठू लाल गुप्ता अवायां पावर हाउस के पास पान की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी। राहुल की प्रारंभिक शिक्षा बेल्थरा रोड में ही हुई। डीएवी इंटर कॉलेज से उन्होंने 2014 में हाईस्कूल (85%) और 2016 में इंटरमीडिएट (88%) की परीक्षा उत्तीर्ण की।
उच्च शिक्षा के लिए राहुल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 2019 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की, इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। शिक्षक बनने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन्होंने 2024 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से बीएड की डिग्री प्राप्त की।
बीएड के बाद राहुल वाराणसी में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगे। आर्थिक चुनौतियों के चलते उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपने खर्च और पढ़ाई का संतुलन बनाया। खास बात यह रही कि संघर्ष के दौर में भी उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी नहीं छोड़ी और सर्दियों में जरूरतमंदों को कंबल वितरण जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
JRF क्वालीफाई करने के साथ ही राहुल को अगले पांच वर्षों में भारत सरकार से लगभग 30 लाख रुपये की फेलोशिप प्राप्त होगी, जिससे वे शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे। राहुल का मानना है कि “परिस्थितियां चाहे जैसी हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो तो सफलता तय है।”
राहुल दो बहनों में मंझले हैं। उनकी बड़ी बहन का विवाह हो चुका है, जबकि छोटी बहन केजीएमयू लखनऊ से सीटी स्कैन तकनीक की पढ़ाई कर रही हैं। बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता से माता मंजू गुप्ता और पिता छट्ठू लाल गुप्ता की आंखों में खुशी साफ झलक रही है।
स्थानीय शिक्षकों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि राहुल की यह उपलब्धि ग्रामीण और कस्बाई पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए नई उम्मीद और प्रेरणा बनेगी।


