युवा तुर्क, बेल्थरा रोड (बलिया)
सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल से युवती के छलांग लगाने की घटना में जान जोखिम में डालकर बचाव करने वाले मछुआरे अब क्षेत्र में साहस और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बन गए हैं। संत गाडगे जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित कर समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया।
21 फरवरी को हुई घटना में युवती के नदी में कूदते ही वहां मछली पकड़ रहे मछुआरों ने बिना समय गंवाए तेज धारा की ओर नाव मोड़ दी और कड़ी मशक्कत कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यदि कुछ मिनट की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इसी बहादुरी के लिए तुरतीपार निवासी बेचू साहनी, घूरा साहनी और बेल्थरा बाजार निवासी श्रीकांत साहनी को श्रवण भारती (प्रत्याशी, जिला पंचायत वार्ड 24 व पूर्व जिला प्रभारी बसपा, बलिया) द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा विनोद सेहरा, पूर्व मंडल प्रभारी दिनेश कुमार भारती सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक एकजुटता का सम्मान हैं। घटना ने जहां पुल पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को रेखांकित किया, वहीं यह भी साबित किया कि संकट की घड़ी में आम लोग ही सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं।




